राम ध्वजा फहरानी अब तो राम ध्वजा फहरानी
हाँ..... हो राम ध्वजा फहरानी -२
अब तो.....
हाँ..... हो राम ध्वजा फहरानी -२
अब तो.....
चमकै ढाल फरहरी तेगा गर्द उड़े आसमानी।
लक्षिमन वीर बालि सुत अंगद पवन पुत्र अगवानी।।
अब तो राम ध्वजा ......
जेहि समुद्र पर गर्व कियो है ता में सिल उतरानी ।
जिन भईयन का कियो भरोसा उई होइहै अगवानी।।
अब तो राम ध्वजा ......
आज पवन अंगना न बटोरै मेघ भरै न पानी।
लक्ष्मी सरासन धान ना कूटै कहै मंदोदरि रानी।।
अब तो राम ध्वजा ......
विनती करो जाये रघुवर से चूक भई अति भारी।
तुलसीदास भज्यो भगवाना कइसे करो अभिमानी।।
अब तो राम ध्वजा ......
निर्देशक ; श्री राजेंद्र बहादुर सिंह ,श्री राजेंद्र सिंह (विषधर )
लेखक; शरद सिंह
लेखक; शरद सिंह