वृन्दावन मोहन दधि लूटी -२
हाँ.. हाँ.... दधि लूटी रे -२ दधि लूटी सावंरों मोर सखी
वृन्दावन मोहन.........
हाँ.. हाँ.... दधि लूटी रे -२ दधि लूटी सावंरों मोर सखी
वृन्दावन मोहन.........
अरे कहँ गिरो हार कहाँ गिरो बेसर -२
हो कौने गलिन माँ लर टूटी।।
वृन्दावन मोहन.........
कुआँ गिरो हार जगत गिरो बेसर -२
हो कुंजा गलिन माँ लार टूटी।।
वृन्दावन मोहन.........
निर्देशक : राजेंद्र बहादुर सिंह , राजेंद्र सिंह (विषधर)
प्रकाशक -शरद सिंह